कभी‑कभी हम अचानक महसूस करते हैं कि हाथ या पैर सुन्न पड़ गए हैं या उनमें झनझनाहट हो रही है. इसे आम बोलचाल में “हाथ‑पैर सो जाना” कहा जाता है. यह स्थिति कभी‑कभी सामान्य होती है, लेकिन बार‑बार होने पर इसके पीछे कुछ स्वास्थ्य संबंधी कारण भी हो सकते हैं. आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं.
1. नसों पर दबाव पड़ना
सबसे सामान्य कारण है किसी एक स्थिति में लंबे समय तक बैठना या लेटना.
जैसे पैर पर पैर रखकर बैठना या हाथ के नीचे सिर रखकर सोना.
इससे नसों (nerves) पर दबाव पड़ता है और उस हिस्से में खून का प्रवाह कम हो जाता है, जिससे सुन्नपन महसूस होता है.
2. खून का संचार धीमा होना
जब शरीर के किसी हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन सही से नहीं होता, तब वहां झनझनाहट या सुन्नपन होने लगता है.
जैसे बहुत देर तक एक ही पोजीशन में रहने से.
3. विटामिन की कमी
विटामिन B12, B6 या अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी से भी नसें कमजोर हो जाती हैं.
इससे हाथ‑पैरों में अक्सर झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है.
4. डायबिटीज का प्रभाव
डायबिटीज के मरीजों में नसों पर असर पड़ता है, जिसे न्यूरोपैथी कहा जाता है.
इससे पैरों में सुन्नपन, जलन या चुभन हो सकती है.
5. रीढ़ (स्पाइन) से जुड़ी समस्या
कमर या गर्दन की नस दबने पर हाथ या पैर सुन्न हो सकते हैं.
जैसे स्लिप डिस्क या सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस.
6. तनाव और चिंता
कभी‑कभी ज्यादा तनाव या घबराहट के कारण भी शरीर में अजीब‑सी झनझनाहट महसूस होती है.
यह मानसिक स्थिति का असर भी हो सकता है.
कब ध्यान देना जरूरी है?
अगर सुन्नपन:
बार‑बार हो रहा हो.
लंबे समय तक बना रहे.
साथ में कमजोरी या दर्द हो.
तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
बचाव के उपाय
लंबे समय तक एक ही पोजीशन में न रहें.
नियमित व्यायाम करें.
सही पोषण लें, खासकर विटामिन B युक्त आहार.
पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं.
बैठने और सोने की सही मुद्रा अपनाएं.
निष्कर्ष
हाथ‑पैर सुन्न पड़ना ज्यादातर मामलों में सामान्य होता है और कुछ समय में ठीक हो जाता है. लेकिन बार‑बार ऐसा होना किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है.