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bettiah gmch special ward for mental patients operational next week west champaran health news

bettiah gmch special ward for mental patients operational next week west champaran health news


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West Champaran Health News: बेतिया जीएमसीएच में मानसिक रोगियों के लिए छह बेड का स्पेशल वार्ड अगले एक हफ्ते में शुरू होने जा रहा है. हर महीने आने वाले 5-7 गंभीर मरीजों की जरूरतों को देखते हुए यहाँ विशेष सुरक्षा, प्रशिक्षित स्टाफ और नोडल अधिकारी की तैनाती की जाएगी. यह पहल जिले के मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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पश्चिम चम्पारण: ज़िले वासियों के लिए खुशखबरी है. बेहद जल्द ज़िला मुख्यालय बेतिया में स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (GMCH) में अज्ञात और मानसिक रूप से अस्वस्थ मरीजों का इलाज संभव हो सकेगा. अस्पताल प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. इन मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पताल में अलग से छह बेड का अतिरिक्त वार्ड बनाया जाएगा, ताकि उनकी समुचित देखभाल और सुरक्षित वातावरण में इलाज की जा सके.

GMCH में मानसिक रोगियों का इलाज
अस्पताल अधीक्षक डॉ.अनिल कुमार बताते हैं कि उनके निर्देश पर इस दिशा में तेजी से काम करना शुरू कर दिया गया है. वार्ड की निगरानी और संचालन के लिए अस्पताल के किसी एक चिकित्सक को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा, जो पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे. इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि मानसिक रूप से अस्वस्थ मरीज अस्पताल में मौजूद किसी अन्य मरीज को तकलीफ न पहुंचाएं.

तैयार किए जा रहे हैं स्पेशल वार्ड 
बताते चलें कि अस्पताल प्रशासन ने वार्ड को एक सप्ताह के भीतर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके तहत आवश्यक संसाधन जुटाने, बेड की व्यवस्था करने और सुरक्षा के लिहाज से जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं. बकौल अधीक्षक, इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को बेहतर और व्यवस्थित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है. साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अज्ञात या मानसिक मरीज को इलाज के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो. इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि उनकी नियमित रूप से देख रेख के लिए नर्सिंग स्टाफ और वार्ड ब्वाय की सुविधा उपलब्ध की जा सके.

हर महीने पहुंचते हैं करीब 10 मरीज
मिली जानकारी के अनुसार GMCH में हर महीने 05 से 07 ऐसे मरीज पहुंचते हैं. जिनकी पहचान नहीं हो पाती है या जो मानसिक रूप से अस्वस्थ होते हैं. इनके इलाज और देखरेख के लिए अलग व्यवस्था की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी. लेकिन हाल के बढ़े हुए मामलों को देखते हुए वार्ड में बेड की संख्या को बढ़ाने के साथ अन्य कई सुविधाओं में विस्तार किया जा रहा है.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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