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Semal tree benefits : अक्सर लोग इस पेड़ को बेकार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके अंदर सेहत के कई खजाने छिपे हैं. आम बोलचाल में इसे सेमल कहते हैं. ये दिखने में कांटेदार, लेकिन गुणों में दमदार है. इसके फूल, छाल, जड़ और गोंद तक का इस्तेमाल कई रोगों के इलाज में होता है. लोकल 18 से बलिया की आयुर्वेदाचार्य मेघा गोयल बताती हैं कि त्वचा की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए शाल्मली वरदान की तरह काम करता है. इसकी छाल और पत्तों का लेप घावों को जल्दी भरता है.
बलिया. ये पेड़ दिखने में साधारण और अनुपयोगी लगता है. अक्सर लोग इसे बेकार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके अंदर सेहत के अनगिनत खजाने छिपे हैं. इस पेड़ को शाल्मली के नाम से जाना जाता है, जिसे आम बोलचाल में सेमल कहते हैं. दिखने में कांटेदार, लेकिन गुणों में दमदार है. यह पेड़ आयुर्वेद के हिसाब से किसी नेचुरल टॉनिक से कम नहीं है. इसके फूल, छाल, जड़ और गोंद तक का इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है.
दूध के साथ रामबाण
आयुर्वेदाचार्य असिस्टेंट प्रोफेसर वैद्य मेघा गोयल कहती हैं कि वह बलिया के बांसडीह मझौली स्थित शांति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में सालों से कार्यरत हैं. मेघा कहती हैं कि त्वचा की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए शाल्मली वरदान की तरह काम करता है. इसके कांटों को दूध के साथ पीसकर लगाने से पिंपल्स, झाइयां और दाग-धब्बे कम होते हैं, जिससे त्वचा में निखार आता है. शाल्मली के छाल और पत्तों का लेप घावों को जल्दी भरने और सूजन को कम करने में भी मददगार है.
पुरुषों की ताकत का सीक्रेट
पुरुषों के स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह बेहद लाभकारी है. इसकी जड़ और छाल का चूर्ण गुणों से भरपूर है, जो शरीर की ताकत बढ़ाने और शुक्राणुओं की गुणवत्ता सुधारने में सहायता करता है. शाल्मली का गोंद, जिसे मोचरस भी कहा जाता है, यह दस्त, पेचिश और रक्तस्राव जैसी समस्याओं में काफी असरदार है. महिलाओं में अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में भी इसका उपयोग काफी लाभकारी और गुणकारी होता है.
न करें ये गलती
इसमें कुछ खास गुण होते हैं, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और खांसी-अस्थमा जैसी श्वसन समस्याओं में भी राहत देते हैं. सेमल के फूल लिवर और पीलिया के उपचार में भी मददगार हैं. हालांकि, इसके अनेक फायदे जरूर हैं, बावजूद इसका उपयोग सावधानी से करना चाहिए. किसी भी तरह के औषधीय प्रयोग से पहले आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह लेना ही बेहतर होता है, ताकि इसके लाभ सुरक्षित और सही तरीके से मिल सकें. बगैर आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह लिए इसका सेवन हानिकारक हो सकता है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

