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Summer Health Tips: उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में गर्मी और हीटवेव का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को लू और डिहाइड्रेशन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार के अनुसार इस मौसम में थोड़ी सी सावधानी अपनाकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को इस दौरान अधिक सतर्क रहने की जरूरत है.
ऋषिकेश: उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में इन दिनों गर्मी और हीटवेव का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. सुबह से ही तेज धूप निकल रही है और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं. तापमान बढ़ने के साथ ही हीटवेव का असर भी साफ दिखने लगा है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की गर्मी में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है, जिससे लू लगने और शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है.
डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए.
UV किरणों से भी बढ़ सकता है खतरा
लोकल 18 से बातचीत में आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार ने बताया कि गर्मी और हीटवेव के दौरान सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट यानी UV किरणों का असर भी बढ़ जाता है. ये किरणें त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसलिए सिर्फ काला चश्मा पहनना पर्याप्त नहीं है. बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को कपड़े, टोपी या छाते से ढकना जरूरी है. उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप सबसे ज्यादा तेज और खतरनाक होती है. इस समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचना चाहिए.
एक्सपर्ट के अनुसार इस मौसम में सबसे जरूरी है शरीर को हाइड्रेट रखना. इस दौरान दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए, चाहे प्यास लगे या नहीं. घर से बाहर निकलने से पहले सत्तू (जौ और बेसन) पीना फायदेमंद रहता है जो शरीर को ठंडक देने के साथ ऊर्जा भी देता है. इसके अलावा बेल का जूस, नींबू पानी और इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी को पूरा करते हैं. इतना ही नहीं तपती गर्मी में गोंद कतीरा भी बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसे रातभर पानी में भिगोकर सुबह शरबत या दूध में मिलाकर पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और पेट भी ठीक रहता है.
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गर्मियों में खान-पान में रखें सावधानी
इस मौसम में हल्का और ताजा भोजन करना चाहिए. खीरा, ककड़ी, तरबूज और प्याज जैसी चीजें शरीर को ठंडा रखने में मदद करती हैं. इसके अलावा ज्यादा तला-भुना और भारी भोजन से बचना चाहिए. भोजन हल्का रखें और शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखें. खाली पेट धूप में निकलना भी नुकसानदायक हो सकता है, इससे चक्कर और कमजोरी की समस्या हो सकती है.
लू के शुरुआती संकेतों को न करें नजरअंदाज
वहीं, अगर किसी को सिरदर्द, तेज प्यास, चक्कर, उल्टी, कमजोरी या ज्यादा थकान महसूस हो तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. ये लू लगने के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत छांव या ठंडी जगह पर आराम करें, पानी पिएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें. बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखना जरूरी है क्योंकि गर्मी का असर उन पर जल्दी और ज्यादा होता है.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें