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Holi Can Trigger Asthma: होली के रंगों से आ सकता है अस्थमा का अटैक, डॉक्टर से समझें जोखिम से बचाव के उपाय

Holi Can Trigger Asthma: होली के रंगों से आ सकता है अस्थमा का अटैक, डॉक्टर से समझें जोखिम से बचाव के उपाय


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Holi Can Trigger Asthma: यदि आपको अस्थमा की बीमारी है, तो होली में रंगों के साथ बहुत ही सावधानी के साथ खेलें. केमिकल वाले रंग अस्थमा ट्रिगर कर सकते हैं, जिससे थकान और सांस लेने में प्रॉब्लम हो सकता है.

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होली के दिन रंगों से खेलने की परंपरा है, इस दौरान बस मकसद इंजॉय करना और एक-दूसरे पर ज्यादा से ज्यादा रंग लगाना होता है. इस दिन सिर्फ पानी वाले रंग नहीं ही नहीं बल्कि सूखे रंगों से भी खेला जाता है ऐसे में इसके छोटे-छोटे कण आसानी से नाक और सांस की नली के अंदर पहुंचकर एलर्जी पैदा कर सकते हैं. इससे नाक बंद होना, नाक के अंदर लालिमा, जलन और बार-बार छींक आना जैसी समस्या हो सकती है.

डॉ. स्तुति गुप्ता, रेस्पिरेटरी और स्लीप की एसोसिएट कंसल्टेंट मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत बताती हैं कि कई बार समस्या केवल एलर्जी तक सीमित नहीं रहती. आजकल बाजार में मिलने वाले कई सिंथेटिक रंगों में अलग-अलग केमिकल मिलाए जाते हैं. ये केमिकल नाक और सांस की नली की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इससे सूजन बढ़ती है और बलगम ज्यादा बनने लगता है, जिससे तकलीफ और बढ़ जाती है.

फेफड़ों तक पहुंच सकता है रंग
अगर एक साथ बहुत ज्यादा रंग फेंका जाए या बहुत जोर से लगाया जाए, तो रंग के कण सांस के साथ फेफड़ों तक भी पहुंच सकते हैं. जिन लोगों की सांस की नलियां संवेदनशील होती हैं, जैसे अस्थमा के मरीज, उनके लिए यह खतरनाक हो सकता है. फेफड़ों में इन कणों के जाने से जलन और सूजन बढ़ती है, जिससे सांस की नलियां सिकुड़ सकती हैं. इसके कारण खांसी, सीटी जैसी आवाज़ के साथ सांस आना (व्हीज़िंग), सांस फूलना या अस्थमा का तेज़ दौरा पड़ सकता है.

होली खेलते समय रखें इन बातों का ध्यान
डॉक्टर बताती हैं कि यदि अस्थमा के मरीज सही सावधानी बरतें और जोखिम को समझते हुए तैयारी करें, तो वे सुरक्षित तरीके से होली मना सकते हैं और अपनी सांस की सेहत की रक्षा कर सकते हैं. ऐसे में अगर आपको एलर्जी, अस्थमा या सांस से जुड़ी कोई समस्या है, तो होली खेलते हैं समय इन बातो का ध्यान रखें-
– डॉक्टर द्वारा दी गई नियमित (मेंटेनेंस) इनहेलर दवाएं समय पर लें.
– होली खेलने से पहले प्रिवेंटिव इनहेलर का उपयोग करें.
– जहां ज्यादा सूखा रंग उड़ रहा हो, वहां जाने से बचें.
– सूखे रंगों के सीधे संपर्क से दूरी रखें.

About the Author

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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