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Healthy Sugar For Diabetes: डायबिटीज में मीठे से परहेज की सलाह दी जाती है. लेकिन कई बार सबर टूट जाता है, और व्यक्ति मीठा खा ही लेता है. क्योंकि शक्कर सेहत के लिए ज्यादा नुकसानदायक माना जाता है, ऐसे में लोगों इसकी जगह पर शहद और गुड़ का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. लेकिन डायबिटीज में इस तरह ही चालाकी क्या मीठा खाने खतरे से बचा सकती है, चलिए इस लेख में एक्सपर्ट से जानते हैं.
पिछले कुछ सालों में गुड़ और शहद, सफेद चीनी और रिफाइंड चीनी के दो सबसे हेल्दी नेचुरल विकल्पों के रूप में फेमस हुए है. बहुत से लोग जो अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं, उनका मानना है कि इन दोनों में से किसी एक चीज का इस्तेमाल करना, सफेद चीनी के इस्तेमाल से ज्यादा सेफ होगा. ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि डायबिटीज के मरीजों के लिए गुड़ या शहद सही हैं या नहीं.
सुरभि शर्मा, हेड – डायटेटिक्स और नुट्रिशन, मैक्स हॉस्पिटल गुरुग्राम बताती हैं कि गुड़ और शहद देखने में सफेद चीनी के मुकाबले ज्यादा हेल्दी और नेचुरल लग सकते हैं. डायबिटीज वाले लोगों के लिए ये चीनी का सुरक्षित विकल्प नहीं हैं. इनका ग्लाइसेमिक रिस्पॉन्स तेज होता है, इनमें चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, और शरीर के मेटाबॉलिज्म पर इनका भी वैसा ही असर होता है, जैसा कि रिफाइंड चीनी का होता है. इसलिए, इनका सेवन बहुत सावधानी से, बहुत थोड़ी मात्रा में, और तभी करना चाहिए जब खून में ग्लूकोज का लेवल पूरी तरह से कंट्रोल में हो.
डायबिटीज में चीनी खाने शुगर कितना बढ़ता है?
डायबिटीज को मैनेज करने के लिए ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) सबसे जरूरी फैक्टर है. GI यह मापता है कि किसी चीज को खाना खाने के बाद, खून में ब्लड शुगर का लेवल को कितना बढ़ा सकता है. रिफाइंड चीनी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स आम तौर पर लगभग 65 होता है. इसका मतलब है कि जब आप रिफाइंड चीनी खाते हैं, तो आपको बहुत कम समय में, ज्यादातर मामलों में, लगभग 30 मिनट में अपने ब्लड शुगर लेवल में अचानक तेजी देखने को मिलेगी.
ब्लड शुगर पर शहद और गुड़ खाने का असर
एक्सपर्ट बताती हैं कि शहद और गुड़ दोनों को ही रिफाइंड चीनी के मुकाबले ज्यादा सेहतमंद ऑप्शन माना जाता है. शहद और गुड़ का GI 50-60 के बीच होता है. हालांकि यह रिफाइंड चीनी से कम है, फिर भी इसमें इतना ज्यादा फर्क नहीं है. शहद या गुड़ को ऐसा खाना नहीं माना जाना चाहिए जिसे बिना किसी रोक-टोक के खाया जा सके, क्योंकि शहद और गुड़, दोनों ही ब्लड शुगर लेवल में तुरंत बढ़ोतरी कर सकते हैं.
डायबिटीज में गुड़-शहद खाना सेफ है या नहीं?
एक्सपर्ट इस सवाल का जवाब देते हुए बताती हैं कि इसका कोई एक सीधा-सा जवाब ‘हां’ या ‘नहीं’ में नहीं है. अगर खून में शुगर का लेवल ठीक से कंट्रोल में नहीं है, तो मैं आमतौर पर यही सलाह दूंगी कि आप शहद और गुड़ समेत सभी तरह की एक्सेसिव चीनी से परहेज करें. एक और बात जिस पर ध्यान देना जरूरी है, गुड़ और शहद के प्रति शरीर की मेटाबोलिक प्रोसेस. डायबिटीज वाले लोगों के मामले में, शरीर इन नेचुरल चीजों और चीनी के दूसरे रूपों के बीच कोई फर्क नहीं करता है. जब कोई डायबिटीज वाला व्यक्ति शहद या गुड़ खाता है, तो ये दोनों कार्बोहाइड्रेट टूटकर ग्लूकोज में बदल जाते हैं, जो खून में मिल जाता है. इससे खून में ग्लूकोज का लेवल बढ़ जाता है, और फिर पैंक्रियाज को इस बढ़ोतरी को रोकने के लिए इंसुलिन छोड़ना पड़ता है. जिन लोगों में इंसुलिन बनने की क्षमता कम होती है या जो इंसुलिन के प्रति कम सेंसिटिव होते हैं, उनके लिए यह सिस्टम ठीक से काम नहीं करता. इससे ऐसे खून में ग्लूकोज का लेवल बहुत ज्यादा बढ़ने का खतरा रहता है.
डायबिटीज के लिए हेल्दी स्वीटनर
डायबिटीज वाले लोगों में ग्लूकोज़ का लेवल बेहतर करने के लिए, उन्हें ऐसे दूसरे मीठे स्वीटनर्स पर विचार करना चाहिए, जिनका ग्लूकोज के लेवल पर ज्यादा असर न पड़े. ऐसे मीठे विकल्पों में स्टीविया और मोंक फ्रूट शामिल हैं, ये ग्लूकोज का लेवल बहुत ज्यादा नहीं बढ़ाते. इसके अलावा, फाइबर, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और स्वस्थ फैट से भरपूर संतुलित आहार लेने से ग्लूकोज का लेवल स्थिर रखने में मदद मिलती है.
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शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

