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Benefits Of Jute Slippers: मधुबनी में बनी जूट की चप्पलें अब फैशन के साथ सेहत का खजाना साबित हो रही हैं. मात्र 250 रुपये में उपलब्ध ये चप्पलें न केवल ब्लड प्रेशर और हार्ट को नियंत्रित करती हैं, बल्कि एड़ी के दर्द और फटी एड़ियों की समस्या को भी जड़ से खत्म करती हैं. जानिए इस ‘प्राकृतिक डॉक्टर’ के चौंकाने वाले फायदे.
मधुबनीः फैशन के साथ ही स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहते है तो जूट से बना चप्पल उपयोगी होगी. जुट चप्पल पहनना पैरों को आराम, सुरक्षा और स्वच्छता प्रदान करता है. जिससे संक्रमण का खतरा कम होता है. यह तलवों को सहारा देकर एड़ी के दर्द को कम करती हैं. घर के अंदर चलने में स्थिरता प्रदान करती हैं. इसके अलावा, अच्छी चप्पलें पैरों की मांसपेशियों को आराम देकर तनाव मुक्त रखती हैं. सबसे अहम की ब्लड प्रेशर लेवल मेंटेन करता है.
चप्पल नहीं रामबाण
आजकल फैशन का दौर है. उसमें लोग तरह-तरह की केमिकल वाला, प्लास्टिक और ना जाने मार्केट में कई तरह के हिल्स, स्लीपर, चप्पल अलग-अलग उपलब्ध होते हैं. जो लुक तो अच्छा देता है पर स्वास्थ के लिए बेकार होती है. यह कहें कि सिर्फ 250 रुपए में आपको ऐसा चप्पल जो फैशन के साथ हेल्थ के लिए अच्छी है. जुट क्राफ्ट की बनी चप्पलें जो कई सारी बीमारियों से निजात मिले ऐसा भी चप्पल है. लोकल 18 को जुट क्राफ्ट पर कार्य कर रहे राजा पासवान, प्राकृतिक देन और आयुर्वेदिक काम कर रहे रूपेश मिश्रा बताते है जूट का चप्पल बहुत ही फायदेमंद होता है. मात्र ₹250 से यह शुरू हो जाती है. आगे डिजाइन पर कीमत डिसाइड होता है.
एक नहीं…है सिर्फ खासियत ही खासियत
जुट क्राफ्ट से बना चप्पल को कई बार धूल सकते हैं. कहीं भी पहन कर घर या बाहर जा सकते हैं. यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है. यह प्राकृतिक घास से बनता है. जो पर्यावरण-वातावरण को हानि न पहुंच कर बल्कि अपने आप उपज होती है. फिर उससे बहुत सारी प्रॉडक्ट बनाई जाती. अब चप्पल की खूब दिमाड है. दरअसल, जुट का चप्पल पहनने से तो एक तो पैर नहीं कटता. इसके अलावा यह हार्ट के लिए काफी फायदेमंद है. ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता साथ ही, एड़ी फटने से बचा जा सकता है. प्लास्टिक के चप्पल पहनते हैं तो पांव कटने की डर सताती है. कई बार कट भी जाती है. जुट का चप्पल की मार्केट में खूब डिमांड है. देखने में भी अच्छा होता है. इसमें हर कलर रेड, येलो ,ब्लू किसी भी कलर डाल सकते हैं. यह वातावरण के लिए भी अच्छा माना जाता है.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

