Kurja Plant Benefits : नवजात बच्चों के लिए दादी-नानी से कम नहीं ये पौधा, इसकी कोमल गर्माहट के कहने ही क्या, जानें उपयोग

Kurja Plant Benefits : नवजात बच्चों के लिए दादी-नानी से कम नहीं ये पौधा, इसकी कोमल गर्माहट के कहने ही क्या, जानें उपयोग


Last Updated:

Kurja plant ke fayde : पहाड़ों में नवजात बच्चों की देखभाल के लिए कुरजा पौधा पारंपरिक नुस्खे में शामिल है. इसकी पत्तियों को हल्का गर्म कर कपड़े में लपेटकर छाती, पीठ या पैरों पर सेकाई दी जाती है. इससे शरीर को गर्माहट, बेहतर रक्त संचार और आराम मिलता है. पिथौरागढ़ की बुजुर्ग नंदी देवी लोकल 18 से बताती हैं कि यह तरीका आज भी फायदेमंद है, बस सावधानी जरूरी है. कुरजा एक जंगली पौधा है. इसकी पत्तियों में प्राकृतिक रूप से गर्म तासीर (हीट) होती है.

kurja plant

पहाड़ों की जिंदगी हमेशा से प्रकृति के बेहद करीब रही है. यहां के लोग आज भी कई मामलों में पुराने पारंपरिक नुस्खों पर भरोसा करते हैं, खासकर जब बात नवजात बच्चों की देखभाल की हो. पहाड़ों में एक ऐसा ही खास और अनोखा नुस्खा है– कुरजा पौधा, जिसे नवजात बच्चों को हल्की गर्माहट देने यानी सेकाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

what is kurja plant

कुरजा एक जंगली पौधा होता है, जो पहाड़ी इलाकों में आसानी से मिल जाता है. इसकी पत्तियों में प्राकृतिक रूप से गर्म तासीर (हीट) होती है. यही वजह है कि पुराने समय से इसे छोटे बच्चों की देखभाल में इस्तेमाल किया जाता रहा है. खासतौर पर ठंडे इलाकों में, जहां मौसम ज्यादातर ठंडा रहता है, वहां यह पौधा काफी उपयोगी माना जाता है.

how to use

कुरजा पौधे की पत्तियों का इस्तेमाल बहुत ही सरल तरीके से किया जाता है. सबसे पहले इसकी ताजी पत्तियां और तेहनिया तोड़ी जाती हैं. फिर इन्हें हल्का सा गर्म किया जाता है (ध्यान रहे, ज्यादा गर्म नहीं करना है), इसके बाद पत्तियों को एक साफ कपड़े में लपेटा जाता है  और फिर बच्चे की छाती, पीठ या पैरों पर हल्की-हल्की सेकाई दी जाती है. यह प्रक्रिया बहुत सावधानी से की जाती है, ताकि बच्चे की नाजुक त्वचा को कोई नुकसान न पहुंचे.

Add News18 as
Preferred Source on Google

why this is beneficial for new born babies

कुरजा पौधे की सेकाई के कई फायदे बताए जाते हैं. पहाड़ों में ठंड ज्यादा होती है, ऐसे में नवजात बच्चों को ठंड से बचाना बहुत जरूरी होता है. कुरजा की पत्तियां शरीर को प्राकृतिक गर्माहट देती हैं. हल्की सेकाई से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है, जिससे बच्चे का शरीर स्वस्थ रहता है. नवजात बच्चे जल्दी सर्दी-जुकाम की चपेट में आ जाते हैं. कुरजा की गर्म तासीर उन्हें इस समस्या से बचाने में मदद करती है. सेकाई से बच्चे की मांसपेशियों को आराम मिलता है और शरीर में जकड़न नहीं होती. जब बच्चा आराम महसूस करता है, तो उसे अच्छी और गहरी नींद आती है, जो उसके विकास के लिए बहुत जरूरी है.

experience of old people

पहाड़ों में आज भी बुजुर्गों के पास ऐसे कई पारंपरिक ज्ञान होते हैं, जो पीढ़ियों से चले आ रहे हैं. बुजुर्ग नंदी देवी बताती हैं, “हमारे जमाने में तो यही सब उपाय होते थे. कुरजा की पत्तियों से बच्चों को हल्की सेकाई देते थे, इससे बच्चा जल्दी ठीक रहता था और ठंड भी नहीं लगती थी. आज भी अगर सही तरीके से किया जाए तो यह बहुत फायदेमंद है.” उनकी बातों से पता चलता है कि यह नुस्खा केवल परंपरा नहीं, बल्कि अनुभव पर आधारित है.

precautions

हालांकि यह एक प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका माना जाता है, फिर भी कुछ सावधानियां बहुत जरूरी हैं. पत्तियों को ज्यादा गर्म न करें, वरना बच्चे की त्वचा जल सकती है. हमेशा साफ कपड़े का इस्तेमाल करें. सेकाई बहुत हल्की और थोड़े समय के लिए ही करें, अगर बच्चे की त्वचा पर कोई रिएक्शन या लालपन दिखे तो तुरंत बंद करें. किसी भी समस्या में डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

importance in today's world

आजकल जहां लोग छोटी-छोटी बातों के लिए दवाइयों पर निर्भर हो गए हैं, ऐसे पारंपरिक नुस्खे हमें प्रकृति के करीब ले जाते हैं. हालांकि आधुनिक चिकित्सा बहुत जरूरी है, लेकिन अगर सही जानकारी और सावधानी के साथ इन पुराने तरीकों को अपनाया जाए, तो यह भी काफी लाभदायक हो सकते हैं.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *