Site icon Aaj Ki Baat

Not Stones but a Health Treasure The Secret Behind Jamshedpur rs80 kg Pink Rocks benefits

Not Stones but a Health Treasure The Secret Behind Jamshedpur rs80 kg Pink Rocks benefits


Last Updated:

Jamshedpur Rock Salt News: जमशेदपुर की सड़कों पर इन दिनों गुलाबी चट्टानों से लदा एक ट्रैक्टर लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ है. जिसे लोग साधारण पत्थर समझ रहे हैं, वह दरअसल सेहत का खजाना कहा जाने वाला शुद्ध सेंधा नमक है. हरियाणा के हनुमानगढ़ से आए व्यापारी साकची और बर्मामाइंस की सड़कों पर घूम-घूमकर पहाड़ों से निकला यह शुद्ध नमक बेच रहे हैं. जानें, क्या है इसकी कीमत और क्यों बढ़ रही है इसकी मांग.

जमशेदपुरः लौहनगरी की सड़कों पर इन दिनों एक अजीबोगरीब नजारा लोगों के कौतूहल का केंद्र बना हुआ है. साकची और बर्मामाइंस जैसे इलाकों से गुजरते वक्त लोग एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को देखकर ठिठक जा रहे हैं. जिसमें विशालकाय गुलाबी पत्थर लदे हुए हैं. पहली नजर में किसी पहाड़ के टुकड़े जैसे दिखने वाले ये पत्थर दरअसल कोई साधारण चट्टान नहीं, बल्कि सेहत के लिए वरदान माने जाने वाला सेंधा नमक है.

हनुमानगढ़ से जमशेदपुर तक का सफर
हरियाणा के हनुमानगढ़ से आए शंकर और उनकी टीम इन दिनों शहर में घूम-घूमकर इस खास नमक की बिक्री कर रही है. ये लोग ट्रैक्टर पर ही नमक की बड़ी-बड़ी चट्टानें सजाकर लाते हैं. शंकर बताते हैं कि वे इन पत्थरों को पहाड़ों से तोड़कर लाते हैं. सीधे ग्राहकों तक शुद्ध रूप में पहुंचाते हैं.

सेहत का खजाना, ₹80 से ₹100 में उपलब्ध
बाजार में मिलने वाले रिफाइंड नमक के मुकाबले लोग इस रॉक सॉल्ट की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं. जमशेदपुर में यह सेंधा नमक (गुलाबी पत्थर) ₹80 प्रति किलो और विशेष विधि से तैयार काला नमक ₹100 प्रति किलो की दर से बिक रहा है. बताया जाता है कि काला नमक को मिट्टी की हांडी में तपाकर तैयार किया जाता है. जो पाचन और गैस की समस्या में बेहद कारगर है.

क्यों उमड़ रही है भीड़?
आमतौर पर व्रत और उपवास में इस्तेमाल होने वाले इस नमक की मांग अब रोजाना के खान-पान में भी बढ़ रही है. लोग इसे शुद्धता की गारंटी मान रहे हैं क्योंकि यह सीधे पत्थर के रूप में उनके सामने मौजूद है. गुलाबी पत्थरों से लदे ट्रैक्टर को देखकर न केवल खरीदार बल्कि उत्सुक राहगीरों की भी भारी भीड़ जुट रही है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसे बेचने का तरीका भी थोड़ा अलग है. ट्रैक्टर पर नमक के बड़े-बड़े पत्थर सजाकर रखा गया है.  खास अंदाज में आवाज लगाकर लोगों को बुलाया जाता है. गुलाबी पत्थरों से भरी यह गाड़ी सड़क से गुजरती है तो लोग रुककर इसे जरूर देखते हैं.

About the Author

Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



Source link

Exit mobile version