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summer safety tips for kids dehydration heat stroke prevention

summer safety tips for kids dehydration heat stroke prevention


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Summer Safety Tips: देशभर में बढ़ती गर्मी से बच्चों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं. डॉक्टर सुनीता चौधरी ने पानी, हल्का खाना और स्कूलों में खास सावधानी की सलाह दी. बढ़ते पारे के बीच स्कूलों को दोपहर की आउटडोर गतिविधियों और असेंबली को टालने की सलाह दी गई है. क्लासरूम में उचित वेंटिलेशन और पीने के साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य है. डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए उन्हें थोड़ा-थोड़ा करके लगातार पानी, नींबू पानी या ओआरएस देना जरूरी है. डाइट में ताजे फल और हल्का खाना शामिल करें ताकि शरीर का तापमान संतुलित रहे.

दिल्ली: देशभर में तापमान लगातार बढ़ रहा है. इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि तेज गर्मी में बच्चों को डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और वायरल बुखार जैसी समस्याएं तेजी से हो सकती हैं. ऐसे में माता-पिता और स्कूल दोनों को बच्चों की देखभाल को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है.

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
डॉक्टर सुनीता चौधरी ने बताया की अगर बच्चा अचानक चक्कर महसूस करे, उल्टी जैसा लगे, पेशाब कम आए या पेशाब का रंग गहरा हो जाए तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है. इसके अलावा शरीर बहुत गर्म लगना, कमजोरी, बुखार या बेचैनी भी हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण माने जाते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे संकेत दिखते ही तुरंत बच्चे को ठंडी जगह पर आराम देना चाहिए.

बच्चों को क्या खिलाएं और क्या नहीं
गर्मी के मौसम में बच्चों को ताजा और हल्का खाना देना सबसे बेहतर माना गया है. घर का बना छाछ, नारियल पानी, नींबू पानी, दूध और ताजे फल शरीर को हाइड्रेट रखते हैं. वहीं जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक, पैकेट फूड और बहुत ठंडी चीजों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए.

स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए खास सलाह
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चों के टिफिन में कटे हुए फल न रखें. सेब, केला और संतरा जैसे साबुत फल देना ज्यादा सुरक्षित है. इसके साथ हल्का खाना जैसे ब्रेड, सैंडविच या पराठा दिया जा सकता है. बच्चों को बार-बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीने की आदत डालनी चाहिए.

अगर बच्चे को हीट स्ट्रोक हो जाए तो क्या करें
अगर बच्चा बहुत ज्यादा गर्म महसूस करे, चक्कर आए या बेहोशी जैसी हालत लगे तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं. शरीर को गीले कपड़े या तौलिए से ठंडा करें और ORS, नारियल पानी या नींबू पानी दें ताकि शरीर में पानी की कमी पूरी हो सके. जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

स्कूलों को भी बरतनी होगी सावधानी
डॉ. सुनीता चौधरी ने कहा कि कि स्कूलों में साफ पानी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए. क्लासरूम हवादार होने चाहिए और बच्चों को हर 15-20 मिनट में पानी पीने की अनुमति मिलनी चाहिए. तेज धूप में आउटडोर गेम्स से बचना चाहिए और बच्चों को इंडोर एक्टिविटी करानी चाहिए.

कितनी मात्रा में पानी पीना जरूरी
विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों को रोजाना करीब 1 से 2 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए, जबकि बड़ों के लिए 2 से 3 लीटर पानी जरूरी माना जाता है. गर्मी में थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीना ही सबसे बड़ा बचाव है.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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