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How To Use The Toilet: क्या आप टॉयलेट फ्लश करते समय ढक्कन बंद करते हैं या खुला छोड़ देते हैं? यह मामूली लगने वाली आदत आपकी सेहत पर बड़ा असर डाल सकती है. हालिया शोध और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय के मुताबिक, यह आदत आपके घर की स्वच्छता से सीधा जुड़ी है. खासकर छोटे बाथरूम में इसका असर ज्यादा होता है. इस तरह की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर आप अपनी लाइफस्टाइल को और सुरक्षित और स्वच्छ बना सकते हैं…
How To Use The Toilet: अगर आपसे पूछा जाए कि टॉयलेट का इस्तेमाल कैसे करते हैं तो शायद आप हंस पड़ें. क्या आप फ्लश करते समय ढक्कन बंद करते हैं? यह सवाल सुनने में भले ही बेवकूफी भरा लगे, लेकिन आपका जवाब ही आपकी सेहत तय करेगा! बहुत से लोग पहले टॉयलेट के ढक्कन को बंद करते हैं, फिर फ्लश करते हैं, वहीं कुछ लोगों में ढक्कर खुला रखकर फ्लश करके चले जाते हैं. लेकिन अगर आप ढक्कन को खुला रखकर फ्लश करके चले जाते हैं तो यह आपके लिए खतरनाक हो सकता है. आइए जानते हैं इसके पीछे का रहस्य…
क्या आप फ्लश करने से पहले ढक्कन बंद करते हैं? – टॉयलेट फ्लश करने से पहले ढक्कन बंद करने की सलाह दी जाती है. क्योंकि टॉयलेट फ्लश करने से बैक्टीरिया का एक छोटा समूह निकलता है, जिसे टॉयलेट प्लूम कहा जाता है. इस समूह में ई. कोलाई जैसे बैक्टीरिया हो सकते हैं और यह बेहद खतरनाक होता है. खासकर जब आपका टूथब्रश या तौलिया पास में हो, तो जोखिम और बढ़ जाता है.
क्या यह सूक्ष्मजीवों को दूर रखता है? – यह रोगाणु ना केवल छह घंटे तक हवा में रह सकते हैं, बल्कि पूरे बाथरूम में फैलकर सतहों पर चिपक भी सकते हैं. फ्लश करने से पहले ढक्कन बंद करना इन रोगाणुओं को दूर रखने और इनके प्रसार को रोकने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है. हालांकि, नए रिसर्च से पता चलता है कि ढक्कन बंद रखना उतना प्रभावी नहीं हो सकता जितना हमने सोचा था.
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क्या कहती है रिसर्च? – जर्नल ऑफ द अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स में प्रकाशित एक नई रिसर्च में यह जांच की गई कि क्या बंद टॉयलेट सीट, खुली टॉयलेट सीट की तुलना में बाथरूम में वायरल एरोसोल और क्रॉस-कंटैमिनेशन को रोकने में अधिक प्रभावी हैं. इसके लिए, फ्लश करने से पहले टॉयलेट बाउल में एक प्रकार का आरएनए वायरस डाला गया. टॉयलेट में पाए गए वायरल संक्रमण को दर्ज किया गया. परिणामों से पता चला कि बाथरूम की सतहों पर वायरल संक्रमण के मामले में, फ्लश करते समय टॉयलेट का ढक्कन ऊपर हो या नीचे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.
रिसर्च से पता चला है कि हर बार फ्लश करने के बाद कीटाणुनाशक का उपयोग करने से टॉयलेट को जीवाणु मुक्त रखने में मदद मिलती है. इसलिए, यह रिसर्ट स्पष्ट करता है कि हर बार फ्लश करने के बाद टॉयलेट को साफ करना, चाहे ढक्कन खुला हो या बंद, आपके बाथरूम को रोगाणु मुक्त रखने के लिए आवश्यक है.
टॉयलेट को कितनी बार साफ करना चाहिए? – तो सवाल उठता है कि आपको सप्ताह में कितनी बार टॉयलेट साफ करना चाहिए? टॉयलेट की स्वच्छता की शुरुआत नियमित रूप से टॉयलेट कमोड को साफ करने से होती है. अध्ययनों से पता चलता है कि हर बार फ्लश करने के बाद सफाई करने से अधिकांश कीटाणु नष्ट हो जाते हैं. अगर यह संभव ना हो, तो टॉयलेट को कम से कम सप्ताह में एक बार साफ करना चाहिए. अगर आप या घर में कोई बीमार है, तो सफाई और भी अधिक आवश्यक हो जाती है.
टॉयलेट को साफ करने का सही तरीका क्या है? टॉयलेट सीट को साफ करने के लिए ब्लीच युक्त क्लीनर आमतौर पर अच्छा विकल्प होते हैं. इसके अलावा, टॉयलेट के किनारों और अंदरूनी हिस्से को साफ करने के लिए लंबे हैंडल वाले ब्रिसल ब्रश का इस्तेमाल करें. टॉयलेट के बाहरी हिस्से को बाथरूम क्लीनर से साफ करें और फिर वाइप्स या स्प्रे से कीटाणुरहित करें.

