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थलापति विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (टीवीके) ने तमिलनाडु चुनावों में 108 सीटें जीतकर राजनीति में शानदार आगाज किया. अब खबरें आ रही हैं कि एक्ट्रेस त्रिशा कृष्णन भी राजनीति में एंट्री मार सकती हैं. तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से जो विजय ने सीट खाली की है, उस जगह से उपचुनाव लड़ सकती हैं. विजय के 7 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की उम्मीद है, हालांकि बहुमत के लिए उन्हें गठबंधन की जरूरत होगी. फिलहाल, पार्टी त्रिशा कृष्णन को मनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन राजनीतिक बैकग्राउंड न होने की वजह से अभी पूरी तरह तैयार नहीं दिख रही हैं. इन चर्चाओं से अफेयर की अफवाहों को बढ़ावा मिला है.

नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त हलचल मची हुई है. थलापति विजय की शानदार जीत के बाद अब सबकी नजरें एक्ट्रेस त्रिशा कृष्णन पर टिक गई हैं. सोशल मीडिया से लेकर फिल्मी गलियारों तक, यह चर्चा जोरों पर है कि क्या त्रिशा भी अब फिल्मी पर्दे के बाद राजनीति के मैदान में उतरने वाली हैं. दरअसल, विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने विधानसभा चुनावों में 108 सीटों के साथ धमाकेदार एंट्री की है. पार्टी के नेता चाहते हैं कि त्रिशा इस जीत के सिलसिले को और आगे बढ़ाएं.

ताजा खबरों की मानें तो टीवीके के दिग्गज नेता, त्रिशा को तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से उपचुनाव लड़ाने के लिए तैयार कर रहे हैं. विजय ने इस बार पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट, दोनों ही जगहों से जीत का परचम लहराया है. नियमों के हिसाब से कोई भी नेता दो सीटें अपने पास नहीं रख सकता, इसलिए विजय को 14 दिनों के अंदर एक सीट छोड़नी होगी. माना जा रहा है कि वे पेरंबूर को अपने पास रखेंगे और तिरुचिरापल्ली ईस्ट से इस्तीफा दे सकते हैं.’लेडी लक’ एक्ट्रेस तृषा कृष्णन के बर्थडे पर तमिलनाडु चुनाव का रिजल्ट आया. विजय की पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी.

विजय के पेरंबूर सीट चुनने के पीछे एक ठोस वजह भी बताई जा रही है. वहां उनकी जीत का मार्जिन बहुत बड़ा था और वह इलाका राज्य सचिवालय के काफी करीब भी पड़ता है. ऐसे में तिरुचिरापल्ली ईस्ट की सीट खाली होना तय माना जा रहा है. अब टीवीके के सदस्य चाहते हैं कि इस खाली सीट पर त्रिशा जैसा बड़ा और पॉपुलर चेहरा चुनाव लड़े, ताकि पार्टी की पकड़ वहां और मजबूत बनी रहे.
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त्रिशा के लिए यह फैसला लेना इतना आसान नहीं लग रहा है. बताया जा रहा है कि उनका कोई पॉलीटिकल बैकग्राउंड नहीं है और वे फिलहाल राजनीति में कदम रखने को लेकर बहुत ज्यादा रोमांचित भी नहीं हैं. विजय और उनकी टीम फिलहाल त्रिशा को मनाने की पूरी कोशिश कर रही है. अगर त्रिशा मान जाती हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक और बड़ा ग्लैम फैक्टर जुड़ जाएगा और उपचुनाव का मुकाबला काफी दिलचस्प हो जाएगा.

विजय की पार्टी के लिए यह जीत जितनी बड़ी है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी. 234 सीटों वाली विधानसभा में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी तो बन गई है, लेकिन बहुमत के जादूई आंकड़े (118 सीट) से अभी भी 10 कदम पीछे है. इसका साफ मतलब है कि सरकार बनाने के लिए विजय को किसी न किसी के साथ हाथ मिलाना ही होगा. बिना गठबंधन के सत्ता की कुर्सी तक पहुंचना फिलहाल मुमकिन नजर नहीं आ रहा है.

खींचतान के बीच गठबंधन को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. कुछ रिपोर्ट्स कह रही हैं कि टीवीके और डीएमके (59 सीटें) मिलकर सरकार बना सकते हैं, तो कुछ लोग एआईएडीएमके (47 सीटें) के साथ जाने की बात कह रहे हैं. विजय ने पहले ही राज्यपाल को पत्र लिखकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. अब देखना यह है कि ऊंट किस करवट बैठता है और तमिलनाडु को कौन सा नया समीकरण देखने को मिलता है.

इन सब राजनीतिक दांव-पेंचों के बीच एक और बड़ी खबर यह उड़ रही है कि विजय 7 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. हालांकि अभी तक इस खबर पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन फैंस और सपोर्टरों में भारी रोमांच है. अगर ऐसा होता है, तो विजय के लिए यह उनके करियर की सबसे बड़ी अचीवमेंट होगी और तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत होगी. (फोटो साभार: IMDb)

कुल मिलाकर, तमिलनाडु का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है. एक तरफ त्रिशा के राजनीति में आने की खबर ने फैंस को रोमांचित कर दिया है, तो दूसरी तरफ सरकार बनाने के लिए जारी उठापटक ने सबको उलझा रखा है. आने वाले कुछ दिन राज्य के भविष्य के लिए बहुत अहम होने वाले हैं, जहां यह साफ हो जाएगा कि थलापति विजय की टीम में कौन-कौन से नए खिलाड़ी शामिल होते हैं.