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नई सीरीज़ ‘ग्लोरी’ में पुलकित सम्राट का दमदार ट्रांसफॉर्मेशन इन दिनों काफी चर्चा में है. बॉक्सर जैसी फिट, लीन और एथलेटिक बॉडी पाने के लिए उन्होंने सिर्फ कठिन वर्कआउट ही नहीं बल्कि सख्त डाइट और आयुर्वेदिक लाइफस्टाइल भी फॉलो की. उनके डाइटीशियन और आयुर्वेदाचार्य Dr. Omkar ने इस ट्रांसफॉर्मेशन के सीक्रेट को बताया है. आइए जानते हैं…

पुलकित का ट्रांसफॉर्मेशन एक्सट्रीम डाइटिंग पर आधारित नहीं था.
वेब सीरीज ग्लोरी में अपने बॉक्सर लुक के लिए पुलकित सम्राट ने जिस तरह का ट्रांसफॉर्मेशन किया, उसके पीछे सिर्फ हार्ड वर्कआउट ही नहीं बल्कि खास आयुर्वेदिक डाइट और रिकवरी प्लान भी था. प्रसिद्ध डाइटीशियन और आयुर्वेदाचार्य Dr. Omkar ने बताया कि उनका फोकस केवल वजन घटाने पर नहीं, बल्कि ऐसी फिट और एथलेटिक बॉडी बनाने पर था जो लंबे समय तक टिक सके और जल्दी रिकवर भी हो.
डॉ. ओमकार के मुताबिक पुलकित का ट्रांसफॉर्मेशन एक्सट्रीम डाइटिंग पर आधारित नहीं था. उनकी डाइट में हाई क्वालिटी प्रोटीन, हेल्दी फैट और एंटी इंफ्लेमेट्री फूड्स को शामिल किया गया. शरीर को हल्का और एक्टिव रखने के लिए नाचनी, ज्वार, ऑर्गेनिक घी और सीड्स जैसी चीजों का इस्तेमाल किया गया. साथ ही डाइजेशन, नींद और पोस्ट वर्कआउट रिकवरी पर भी खास ध्यान दिया गया. उन्होंने कहा कि असली बॉडी सिर्फ जिम में नहीं बनती, बल्कि रिकवरी के दौरान तैयार होती है. इसलिए शरीर को पर्याप्त आराम और सही पोषण देना बेहद जरूरी था.
इन चीजों से बनाई दूरी
इस रोल के लिए पुलकित को शुगर, एल्कोहल, देर रात खाना, तला भुना भोजन और बार-बार स्नैकिंग जैसी आदतों से दूरी बनानी पड़ी. डॉ. ओमकार के अनुसार आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से ये चीजें शरीर में भारीपन, ब्लोटिंग और सुस्ती बढ़ा सकती हैं. उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान अनुशासन बनाए रखना सबसे मुश्किल हिस्सा होता है, क्योंकि सोने और खाने का समय बिगड़ जाता है. हालांकि पुलकित ने पूरी ईमानदारी से हर नियम को फॉलो किया और अपने ट्रांसफॉर्मेशन के लिए कड़ी मेहनत की.
हाई कार्डियो ट्रेनिंग में कैसे बचाई मसल्स?
बॉक्सिंग जैसी हाई इंटेंसिटी ट्रेनिंग में मसल लॉस का खतरा बढ़ जाता है. इसे रोकने के लिए आयुर्वेदिक रिकवरी तकनीकों और हाइड्रेशन पर खास ध्यान दिया गया. डॉ. ओमकार ने बताया कि पुलकित के लिए विशेष आयुर्वेदिक ऑइल गट एनिमा थेरेपी का इस्तेमाल किया गया, जिससे शरीर को ताकत और गहरी रिलैक्सेशन मिल सके. इसके अलावा ब्रीदवर्क, सही नींद और पोस्ट ट्रेनिंग रिकवरी को भी रूटीन का हिस्सा बनाया गया ताकि शरीर ओवरट्रेनिंग के तनाव से बच सके.
लाइफस्टाइल में भी करने पड़े बदलाव
डॉ. ओमकार के अनुसार आयुर्वेद ट्रांसफॉर्मेशन को सिर्फ वर्कआउट नहीं बल्कि चौबीस घंटे की प्रक्रिया मानता है. इसलिए पुलकित को समय पर सोना, तय समय पर भोजन करना, स्ट्रेस मैनेजमेंट और रिकवरी प्रैक्टिस जैसी आदतें अपनानी पड़ीं. उन्होंने बताया कि पुलकित के लिए लिवर क्लिंज थेरेपी भी की गई, जिसमें कंट्रोल्ड मेडिकेटेड वोमिटिंग थेरेपी के जरिए शरीर को डिटॉक्स करने की कोशिश की जाती है. इसका उद्देश्य लिवर फंक्शन और डाइजेशन को बेहतर बनाए रखना था.
लंबे समय तक फिट रहने के लिए क्या जरूरी?
डॉ. ओमकार का कहना है कि टेम्पररी ट्रांसफॉर्मेशन आसान होता है, लेकिन लंबे समय तक फिट और हेल्दी बने रहना असली उपलब्धि है. इसके लिए नियमित नींद, बैलेंस्ड डाइट, मौसमी डिटॉक्स, नियंत्रित ट्रेनिंग और स्ट्रेस कंट्रोल बेहद जरूरी हैं. उन्होंने कहा कि फिटनेस में सबसे जरूरी है अपने शरीर की सुनना और रिकवरी का सम्मान करना, क्योंकि स्वस्थ शरीर जबरदस्ती नहीं बल्कि सही देखभाल और संतुलन से बनता है.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें