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How Dangerous Is Hantavirus: हंता वायरस जानलेवा है, लेकिन इसके महामारी बनने की आशंकाओं को डब्लूएचओ ने सिरे नकार दिया है. हालांकि इससे अब तक 3 मौतें हो चुकी हैं लेकिन अब कंडीशन पूरी तरह से कंट्रोल में बताया जा रहा है.

हंता वायरस सबसे पहले कोरिया के हंतान नदी क्षेत्र में पाया गया था. यह वायरस आमतौर पर चूहों और दूसरे कृन्तकों में होता है. इंसान संक्रमित चूहों, उनकी लार, पेशाब या मल के संपर्क में आने से बीमार हो सकते हैं. यह बीमारी दुर्लभ है, लेकिन फेफड़ों, दिल और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है.
पश्चिम अफ्रीका के तट के पास एक क्रूज जहाज हंता वायरस के प्रकोप के कारण फंसा हुआ है. इस वायरस से तीन लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग बीमार हैं. क्या ये कोविड के बाद दूसरी महामारी बनकर उभरने वाली है?
World Health Organization कहा है कि हंता वायरस को लेकर ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है. संगठन के प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने साफ कहा कि यह बीमारी कोविड-19 जैसी नई महामारी नहीं बनने वाली है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे डरने के बजाय सही जानकारी पर भरोसा करें.
सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक संदेश में कहा कि वह समझते हैं कि कोविड महामारी के बाद लोग किसी भी नए वायरस की खबर से डर जाते हैं. साल 2020 में दुनिया ने बहुत मुश्किल समय देखा था और उसका असर आज भी लोगों के मन में है. लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि हंता वायरस की स्थिति अभी उतनी गंभीर नहीं है जितनी कोविड महामारी के समय थी. डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि इस समय हंता वायरस से आम लोगों के लिए खतरा काफी कम है. विशेषज्ञ लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने दोबारा कहा कि यह कोई दूसरा कोविड नहीं है और लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए.
इंसानियत दिखाने के लिए स्पेन का धन्यवाद!
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने जहाज के कैप्टन, क्रू मेंबर्स, स्पेन सरकार और टेनेरिफ के लोगों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि सभी ने मिलकर मुश्किल समय में इंसानियत और सहयोग की मिसाल पेश की है. इतना ही नहीं डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि स्पेन ने इंसानियत और जिम्मेदारी दिखाते हुए जहाज को अपने यहां रुकने की अनुमति दी. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग का अच्छा उदाहरण बताया.
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शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
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