नौतपा शुरू होने से पहले अपनाएं ये आयुर्वेदिक तरीके, गर्मी से बचाव में नहीं पड़ेगी अस्पताल की जरूरत

नौतपा शुरू होने से पहले अपनाएं ये आयुर्वेदिक तरीके, गर्मी से बचाव में नहीं पड़ेगी अस्पताल की जरूरत


भीलवाड़ा. राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में लगातार बढ़ते तापमान और नौतपा की दस्तक के साथ गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. ऐसे में लोगों के सामने लू, डिहाइड्रेशन और गर्मी से होने वाली अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ गया है. आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. रामनरेश मीणा का मानना है कि इस मौसम में कुछ आसान और पारंपरिक उपाय अपनाकर शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है.

आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. रामनरेश मीणा के अनुसार, गर्मी से बचाव के लिए महंगे उपचार या अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि घर में उपलब्ध प्राकृतिक चीजों का सही उपयोग काफी लाभदायक साबित हो सकता है. पर्याप्त पानी पीना, बेल का शरबत, छाछ, सत्तू और मौसमी फलों का सेवन शरीर को ठंडक पहुंचाता है. वहीं तेज धूप में बाहर निकलने से बचना, सिर को कपड़े से ढककर रखना और हल्का एवं सुपाच्य भोजन करना भी जरूरी है.

नोतपा के दौरान ये आयुर्वेदिक उपाय आएंगे काम

आयुर्वेद में गर्मी के दिनों में कोल्ड ड्रिंक, अत्यधिक चाय-कॉफी, फास्ट फूड, कचौड़ी और तले हुए खाद्य पदार्थों से दूरी बनाने की सलाह दी गई है, क्योंकि ये शरीर में गर्मी बढ़ाकर स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं. नौतपा के दौरान इन आयुर्वेदिक उपायों को अपनाकर लोग गर्मी के दुष्प्रभावों से काफी हद तक बच सकते हैं. आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. रामनरेश मीणा ने लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए बताया कि भीलवाड़ा में गर्मी की तपन तेज हो चुकी है और कुछ दिनों में नौतपा भी शुरू होने वाला है. भीषण गर्मी में शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिसके कारण डिहाइड्रेशन हो सकता है और लू भी लग सकती है. गर्मी में लू से बचाव के लिए कई घरेलू आयुर्वेदिक उपाय बताए गए हैं.

 लू से बचाव करने में कारगर है दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव

उन्होंने बताया कि गर्मी में लोगों को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए. जैसे छाछ, मट्ठा, बेल का शरबत, आम पन्ना और नींबू पानी शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ लू से भी बचाते हैं. इसके अलावा खीरा, ककड़ी, तरबूज और मौसमी फलों का सेवन भी लाभकारी होता है. इसके साथ सादा, हल्का और सुपाच्य भोजन करना बेहतर रहता है. दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचें. अगर जरूरी हो तो सिर को ढककर निकलें और पानी साथ रखें. घर से बाहर जाने से पहले नमक का सेवन करना या उसे साथ रखना भी लू से बचाव का पारंपरिक उपाय माना जाता है. ऐसे में लोगों को जागरूक रहकर अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करने की जरूरत है, ताकि लू और गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सके.

कोल्ड ड्रिंक के सेवन से बचें

आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. रामनरेश मीणा ने बताया कि आमतौर पर लोगों में सबसे बड़ी गलतफहमी यह होती है कि गर्मी में कोल्ड ड्रिंक या बाजार में मिलने वाली अन्य ड्रिंक्स राहत और ठंडक पहुंचाती हैं. हालांकि, कुछ देर की यह राहत बाद में शरीर को नुकसान पहुंचाती है, क्योंकि ये शरीर में हीट बढ़ाती हैं, जिससे गर्मी और अधिक महसूस होने लगती है. गर्मी से बचने के लिए कोल्ड ड्रिंक का कम से कम सेवन करना चाहिए और संभव हो तो इससे बचना चाहिए. इतना ही नहीं, इस मौसम में तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन, कचौड़ी तथा अधिक चाय-कॉफी से भी दूरी बनानी चाहिए. ज्यादा चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक का सेवन शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकता है, जिससे लू लगने का खतरा और बढ़ जाता है.



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