योगी टाटा की 10 लाखवीं गाड़ी में घूमे:बोले- ये गाड़ियां हमारी जिंदगी का हिस्सा, लखनऊ से 15 देशों में एक्सपोर्ट होती हैं

योगी टाटा की 10 लाखवीं गाड़ी में घूमे:बोले- ये गाड़ियां हमारी जिंदगी का हिस्सा, लखनऊ से 15 देशों में एक्सपोर्ट होती हैं




लखनऊ में टाटा मोटर्स प्लांट में 10 लाख गाड़ियां बन चुकी हैं। बुधवार को सीएम योगी ने 10 लाखवीं गाड़ी (ई-बस) को हरी झंडी दिखाई। उसमें बैठे भी। इस दौरान टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने उन्हें गाड़ी की खासियत बताईं। सीएम ने कहा- 10 लाखवें वाहन का उत्पादन सिर्फ एक औद्योगिक उपलब्धि नहीं, ऐतिहासिक उड़ान का लॉन्च पैड है। यह उस नए यूपी का प्रतीक है, जो देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा। मैं विश्वास के साथ कहता हूं कि यह उड़ान रुकने वाली नहीं, बल्कि और अधिक ऊंचाइयां छुएगी। वहीं, टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा- आज हम सब यहां 10 लाखवें वाहन के साक्षी बने हैं। यहां कॉमर्शियल व्हीकल का उत्पादन किया जाता है। सप्लायर, पार्टनर और कम्युनिटी का एक मजबूत इकोसिस्टम है। हम अगले 5 साल में 20 लाख व्हीकल बनाएंगे। 10 लाखवीं गाड़ी चिनहट स्थित देवा रोड प्लांट में बनी है। यह प्लांट 1992 में लखनऊ में स्थापित किया गया था। इससे करीब 8 हजार लोगों को रोजगार मिला है। यहां से 15 देशों में टाटा की गाड़ियां एक्सपोर्ट होती हैं। देखिए 5 तस्वीरें… पढ़िए, सीएम की बड़ी बातें… हमने यूपी के युवाओं को मार्केट-रेडी वर्कफोर्स बनाया
सीएम ने कहा- जब हम ‘मोमेंटम’ की बात करते हैं, तो यह केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं होता। जहां द्रव्यमान (mass) होता है, वहां गति (velocity) भी होती है। यही गति हमें नई ऊर्जा और ताकत देती है। यूपी 25 करोड़ की आबादी वाला राज्य है। इसमें 56% युवा हैं। हमने युवाओं को स्किल, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी से जोड़कर उन्हें मार्केट-रेडी और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स बनाने का काम किया है। आज यूपी में जो औद्योगिक माहौल बना है, वह केवल कागजों या आंकड़ों में नहीं, बल्कि जमीन पर भी दिखाई देता है। बेहतर होती कानून-व्यवस्था, तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत कनेक्टिविटी ये सभी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई ताकत दे रहे हैं। बचपन से टाटा के वाहनों को जिंदगी का हिस्सा बनते देखा
हम सभी ने बचपन से टाटा मोटर्स के वाहनों को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनते देखा है। चाहे वह बसों में यात्रा हों या ट्रकों के जरिए देशभर में सामान पहुंचाना। समाज की अंतिम जरूरतों को पूरा करने में टाटा समूह हमेशा अग्रणी रहा है। आज भी टाटा का नाम विश्वास, गुणवत्ता और भरोसे का प्रतीक है। लोग मानते हैं कि ‘टाटा’ का मतलब है- भरोसा। यह भरोसा उनकी मजबूत लीडरशिप, संस्थापकों के मूल्यों और लाखों कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। यही वजह है कि भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों में टाटा के उत्पादों के प्रति विश्वास लगातार बढ़ता जा रहा है। यूपी के साथ टाटा की साझेदारी विश्वास-विकास का मजबूत आधार
टाटा समूह ने नमक से लेकर स्टील, ऑटोमोबाइल से लेकर सॉफ्टवेयर, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य और रक्षा उपकरणों तक हर क्षेत्र में भारत को सशक्त बनाने में भूमिका निभाई है। यूपी के साथ टाटा समूह की साझेदारी केवल निवेश तक सीमित नहीं है, यह विश्वास और विकास का मजबूत आधार है। प्लांट में बनने वाली गाड़ियां 15 देशों में ट्रांसपोर्ट होती हैं
टाटा मोटर्स के CEO और MD गिरीश वाघ ने कहा- यह मौका हमारे लिए महत्वपूर्ण माइलस्टोन है। इसमें यूपी सरकार के प्रशासनिक सहयोग का बड़ा योगदान है। प्रशासन ने मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा आयाम दिया है। यहां पर लाइट, हैवी व्हीकल के साथ बस का निर्माण किया जाता है, जिनका 15 देशों में ट्रांसपोर्ट होता है। वेस्ट मैनेजमेंट में ये प्लांट जीरो वेस्ट का दर्जा प्राप्त कर चुका है। इस प्लांट की स्थापना के समय से ही हमें रतन टाटा का गाइडेंस मिला। कार्यक्रम से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…



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