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मशहूर सिंगर शंकर महादेवन के बेटे सिद्धार्थ महादेवन ने म्यूजिक जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ का गाना ‘जिंदा’ रहा, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया. बचपन से ही शास्त्रीय संगीत में ट्रेंड सिद्धार्थ ने पिता की नकल करने के बजाय अपनी मौलिक आवाज पर ध्यान दिया. ‘जिंदा’ की सफलता के बाद उन्होंने ‘मलंग’ जैसे कई हिट गाने गाए और मराठी फिल्मों में संगीतकार के रूप में भी काम किया. अपनी प्रतिभा के लिए उन्हें प्रतिष्ठित आरडी बर्मन अवॉर्ड से भी नवाजा गया है.

‘भाग मिल्खा भाग’ का गाना गाकर हुए थे मशहूर
नई दिल्ली: मशहूर सिंगर शंकर महादेवन के बेटे सिद्धार्थ महादेवन ने संगीत की दुनिया में कदम तो अपने पिता की विरासत के साथ रखा, लेकिन अपनी पहचान उन्होंने खुद के हुनर और कड़ी मेहनत से बनाई. 16 अप्रैल 1993 को जन्मे सिद्धार्थ महादेवन ने बचपन से ही घर में सुरों की महफिलें देखी थीं, जिससे उनका रुझान संगीत की ओर सहज रूप से हो गया. उन्होंने कर्नाटक और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की बारीकियां सीखीं और स्टूडियो में घंटों वक्त बिताकर संगीत की अलग-अलग शैलियों को समझा. उनके पिता ने उन्हें हमेशा एक ही मंत्र दिया कि किसी की नकल करने के बजाय अपनी खुद की एक अलग और मौलिक आवाज तलाशें और सिद्धार्थ ने इसी सीख को अपने करियर का आधार बनाया.
सिद्धार्थ के करियर में सबसे बड़ा और यादगार मोड़ साल 2013 में आया, जब उन्होंने फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ के लिए ‘जिंदा’ गाना गाया. इस गाने की हाई-एनर्जी और सिद्धार्थ की दमदार आवाज ने रातों-रात उन्हें हर युवा की पसंद बना दिया. ‘जिंदा’ की अपार सफलता ने यह साबित कर दिया कि वे सिर्फ एक स्टार किड नहीं हैं, बल्कि उनके पास अपनी एक अनोखी सिंगरी है. इस गाने के लिए उन्हें न सिर्फ हर घर में पहचान मिली, बल्कि नई संगीत प्रतिभा के तौर पर प्रतिष्ठित आरडी बर्मन अवॉर्ड से भी नवाजा गया. इसके बाद उन्होंने ‘मलंग’ और ‘नचदे ने सारे’ जैसे कई सुपरहिट गानों के जरिए इंडस्ट्री में अपनी जगह पक्की कर ली.
काबिलियत के दम पर बनाई जगह
सिंगर के अलावा सिद्धार्थ ने संगीत निर्देशन के क्षेत्र में भी हाथ आजमाया है. उन्होंने मराठी फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया और बतौर संगीतकार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. वे गजल, पॉप और रॉक जैसी अलग-अलग शैलियों में समान रूप से माहिर हैं, जो उन्हें एक वर्सटाइल आर्टिस्ट बनाता है. आज सिद्धार्थ महादेवन सिर्फ शंकर महादेवन के बेटे के तौर पर नहीं, बल्कि एक सफल सिंगर और संगीतकार के रूप में जाने जाते हैं. उनकी यात्रा इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि विरासत आपको मौका तो दिला सकती है, लेकिन लंबे समय तक टिकने के लिए आपकी अपनी काबिलियत और मेहनत ही काम आती है.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें